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SSD Vs HDD Vs SSHD Full Explained in Hindi

Ssd vs hdd vs sshd full explained in hindi

आज के इस पोस्ट में हम बात करेंगे “SSD Vs HDD Vs SSHD full explained in hindi“। इस लेख में हम इन तीनों Storage devices के बारे में विस्तृत और तुलनात्मक अध्ययन करेंगे।

साथ ही hard disk (Drives) के colour code को भी हम समझेंगे। ऐसा बहुत बार होता है कि हम Drives लेते समय सिर्फ उसकी Storage capacity पर ध्यान देते हैं।

किसी भी hard disk की storage capacity के साथ उसके colours भी बहुत मायने रखते हैं। जो हम इस पोस्ट में आगे बात करेंगे।

दोस्तों, SSD का पूरा नाम Solid-state drive होता है। जबकि HDD का पूरा नाम Hard-disk drive होता है वहीं SSHD का पूरा नाम Solid-state hybrid drive होता है।

तीनों digital data को Store करने के लिए इस्तेमाल की जाती हैं। जबकि SSHD एक Hybrid drive है जिसमें इन दोनों के पार्ट्स होते हैं।

मतलब इसके अंदर हमारी हर डेटा जो डिजिटल फॉर्म में Convert हो जाए, जैसे वीडियो, गाने, txt फाइल्स इत्यादि।

दोनों का काम एक होते हुए भी इन दोनों में काफी अंतर है। अंतर इनकी कीमत, आकार से लेकर इनके द्वारा किए जाने वाले हर Operation में।

इसी लेख में हम चर्चा करेंगे कि अगर आप लैपटॉप या डेस्कटॉप इस्तेमाल करते हैं या उनके लिए स्टोरेज डिवाइस खरीदना चाहते हैं तो कौन सा Drive आपके लिए बेस्ट रहेगा।

What is SSD?

Ssd vs hdd vs sshd full explained in hindi

जैसा कि आपने ऊपर पढ़ा की SSD एक  storage device है। इसका पूरा नाम Solid-state drive है। जिसका मतलब उसमे कोई भी Moveable यानी गति करने वाले पार्ट्स नहीं हैं।

साथ ही ये Non-volatile device है। मतलब ये की इसमें stored किसी भी डेटा को Save रखने के लिए Power की जरूरत नहीं पड़ती।

एक बार data Store हो जाए और पावर कट कर दिया जाए तो ये stored data को भूलेगी नहीं।

Example:- Smartphones के SSD (Memory card), Pen drives , computer की SSD etc.

तकनीकी अंतर है वरना RAM और SSD दोनों Flash memory हैं। लेकिन RAM एक Volatile memory है। जबकि SSD एक non-volatile memory है।

चूंकि इसमें कोई भी Mechanical parts नहीं होते, इसलिए ये Power consume के मामले में भी HDD के मुकाबले बेहतर होती है।

साथ ही Performance भी hdd से high speed की  देती है। बस एक चीज़ है वो है इसकी कीमत जो HDD के अपेक्षा बहुत अधिक होती है।

How SSDs works?

ये एक Flash memory है। Flash memory का आविष्कार Fujio Masuoka ने Toshiba  कंपनी में काम करते हुए किया था। ये कंपनी आज भी है।

जैसा कि आपको पता है, Flash memory में पावर कट जाने पर भी डेटा Remove नहीं होते हैं।

SSDs में बहुसंख्य Transistors लगी होती हैं। इसमें NAND based flash memory, जो floating gate transistors से बना होता है, का उपयोग होता है।

इस तकनीक में दो गेट होते हैं। एक Floating gate जबकि दूसरा Control gate.

एक एकल memory cell को प्रोग्राम करने के लिए एक volt charge Control gate पर apply होता है, जिससे की Electrons कंट्रोल गेट की तरफ Attract होते हैं ठीक उसी समय Floating gate उन्हें Trap कर लेता है।

इसके बाद इलेक्ट्रॉन्स floating gate के पास Substrate माध्यम में वर्षों रहते हैं। इस तरह एक cell (एक Bit) चार्ज होता है।

बाद में MLC, TLC यानी multi-level cell devices, Triple-level cell devices ईजाद हुए जो एक सेल में अनेक bit के information प्रति सेकंड में स्टोर कर देते हैं।

What is HDD?

SSD Vs HDD Vs SSHD FULL EXPL. IN HINDI

HDD यानी Hard disk drive. ये एक Electro-magnetic, non-volatile storage device है।

इसमें Moving parts होते हैं। इसमें एक Spinning Platter होता है जो Spindle के सहारे चारों ओर घूमता है।

Spinning platter पर Magnetic material की परत लगी होती है।

इसके ऊपर डेटा read/write करने के लिए Head लगा होता है जो Actuator arm के सिरे पर होता है।

इसकी data process या performance इस बात पर निर्भर करता है कि इसकी RPM यानी Round per minute कितना है।

ये जितनी तेज गति से spin (चक्कर) लगाएगा उतनी तेज गति से डेटा read/write करेगा।
जैसे 7200 rpm वाली ड्राइव 1500 rpm वाली की तुलना में बहुत कम स्पीड देगी।

Main components of HDDs

HDDs के दो मुख्य Components होते हैं।

1- Mechanical components

ये component जैसे Spindle, मैग्नेटिक प्लैटर, Actuator, Read/write head, motor हैं, जो हमें दिखते हैं।

2- Electrical components

सभी Magnetic hard drives में Microprocessor होता है। इसके साथ ही इसकी Associative memory (सहायक मेमोरी) भी होती है जो Printed circuit board पर होती है।

How HDDs works?

System में जब भी data write करना होता है तो Electrical current write head द्वारा disk के surface पर transfer होता है और डेटा binary code में access होता है।

जब कि data read करने के लिए ये Process उल्टा होता है यानी Magnetic surface द्वारा electrical current read head को transfer होता है।

HDDs केबल्स के माध्यम से Computer के Motherboard से connected होती हैं।

इसमें binary code 0 और 1 के codes को computer द्वारा decode किया जाता है।

What is SATA ?

SATA का मतलब Serial Advanced Technology Attachment होता है। ये एक Interface है जो PATA यानी Parallel ATA से बेहतर व Fast होता है।

ये Hard drives को data transfer करने का Standard होता है जिसके माध्यम से HDD से SATA के माध्यम से होकर डेटा Computer को ट्रांसफर होता है।

Colour code factor of HDDs

जब भी हम HDD खरीदने या PC built कराने जाते हैं तो hdd लेने के time सिर्फ हमारा ध्यान उसकी स्टोरेज Capacity पर होती है।

लेकिन आपको पता होना चाहिए कि HDDs Performance और Operation के आधार पर 6 तरह की और 6 Colours में आती हैं।

इनका WD (Western digital )colour code और Description नीचे दिया गया है –

1- WD Blue ये Drive सामान्य Consumers के लिए होती हैं और General Purpose के लिए होती हैं।

जिनका अपना Personal छोटा मोटा काम करना होता है। जिन्हें ज्यादा heavy task नहीं करना होता है। ये फिलहाल 500 GB से 1 TB तक कि कैपेसिटी में मार्किट में उपलब्ध हैं।

2- WD Black ये ड्राइव उन लोगों के लिए बेहतर होती है जिन्हें Heavy task करने होते हैं, जैसे Mixing, Animation, Graphics का काम इत्यादि। ये उनके लिए Best परफॉरमेंस ड्राइव है।

3- WD Green  ये Drive Secondary storage के लिए आती है। अगर आप ये ड्राइव ले लें तो इसकी Performance बहुत ही Slow होती है।

इसका उपयोग उन data को स्टोर करने के लिए किया जाता है जिनका उपयोग बार बार नहीं किया जाता।

वैसे इसकी खासियत ये भी है कि इस colour की drive जल्दी corrupt नहीं होती।

4- WD Purple ये colour की drive उन कार्यों के लिए आती हैं जिन्हें 24 hours perform करना होता है और वो भी अधिक मात्रा में सिर्फ Write करना होता है।

जैसे Surveillance यानी CCTV cameras इत्यादि के लिए होती हैं। इनकी Write करने की क्षमता अच्छी होती है।

5- WD Red  ये Drives NAS से संबंधित कार्यों के लिए होती हैं। NAS यानी Network attached storage.

अगर आप अपना खुद का server बनाकर अपनी साइट या customers की साइट्स को host करना चाहते हैं, तो ये HDD आपके लिए बेहतर है।

इसका उपयोग hosting companies में 24 hours files, data sharing जैसे कामों के लिए होता है।

6- WD Gold ये Drives Enterprise class के लिए होती हैं। जिनमे बहुत सारा डेटा स्टोर किया जाता है और शेयर भी वो भी रियल टाइम में।

इस तरह की drives Banking sector में ज्यादा इस्तेमाल होती हैं।

What is SSHD?

SSHD यानी Solid-state hybrid drive इसमें SSD व HDD दोनों के components होते हैं। ये दिखने में HDD जैसे होती है। इसमें भी HDD के सभी पार्ट्स होते हैं बस SSD के लिए एक Separate space होता है।

आजकल मार्केट में 1TB का SSHD खरीदने पर आपको इसमें 8GB का SSD व बाकी का HDD परफॉरमेंस मिलता है।

मतलब की SSD और HDD, दोनों Storage devices की तरह ये भी एक physical स्टोरेज डिवाइस है।

फर्क है तो बस इतना कि इस एक हाइब्रिड ड्राइव में हमें दोनों के Mixed performance मिलते हैं।

What is Core Memory technology?

IBM’s के द्वारा विकसित ये टेक्नोलॉजी भी काफी प्रचलित है जो HDD की तरह Magnetism पर आधारित है।

Core memory का उपयोग NASA द्वारा सर्वाधिक किया जाता है। इसका प्रमुख कारण ये है कि ये ड्राइव्स/मेमोरी Radiation और unfavourable माहौल को काफी हद तक झेल सकती हैं, जैसा कि Space में होता है।

How SSHD works?

एक SSHD installed कंप्यूटर खुद ही ये Decide करता है कि आपके कौन से डेटा SSHD के किस Portion में स्टोर होंगे।

सामान्यतः कंप्यूटर के OS (ऑपरेटिंग सिस्टम), Boot files ये सभी SSD portion में Store होती हैं।

जबकि बाकी के अन्य फाइल्स, सॉफ्टवेयर्स, मल्टीमीडिया फाइल्स इत्यादि HDD के स्टोरेज में स्टोर होती हैं। ये Decisions SSHD का Controller करता है।

एक बात और गौर करने वाली है कि कोई भी ऐसा टास्क या App जिसे आप बार बार या अधिक इस्तेमाल करते हैं तो ये अपने आप SSD में Save होगी।

Best Drives for Laptops & PCs

जरूरत के लिहाज से हमें Drives की आवश्यकता होती है। अगर आपका बजट अच्छा-खासा है तो Latest और fast SSD drives का इस्तेमाल कर सकते हैं।

अगर आप medium खर्च करना चाहते हैं और Speed, Performance भी बेहतर चाहते हैं तो SSHD का चुनाव सबसे बेहतर रहेगा।

अगर आपका काम एकदम Normal Use का है तो HDD इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि HDDs भी काफी अच्छी हैं आजकल, खासकर पहले की अपेक्षा।

Drives Details for Laptops & PCs

2.5″ SATA SSD पुराने laptops के लिए बेहतर है। इसे Hard disk की जगह इस्तेमाल किया जा सकता है।

ये AHCI protocol का इस्तेमाल करती है।
इसमें आपको speed परफॉर्मेंस 550 Mbs की मिलेगी।

ध्यान देने वाली बात है कि AHCI Port को सपोर्ट करने वाली SSDs की Performance NVMe सपोर्ट करने वाली Drives की तुलना में कम होती है।

m.2 SATA (NVMe) ये ड्राइव आपको बेहतर bootup speed, Launching speed देगी। ये ड्राइव्स SATA का अपग्रेड versions होती हैं।

m.2 NVMe ये Drive आपको m.2 SATA से अधिक स्पीड देगी।

PCIe SSD ये आपको सबसे Fast परफॉरमेंस देगी, लेकिन ये अभी सिर्फ PC के लिए ही उपलब्ध है। ये motherboard के PCIe स्लॉट का इस्तेमाल करती है।

u.2 ये SSDs business/enterprise पर्पस के लिए होती हैं जो काफी High परफॉरमेंस देती हैं, बहुत ही महंगी होती हैं।

कोई भी SSD खरीदने से पहले आपको अपने लैपटॉप या PC के Ports को ठीक से जान लेना चाहिए। एक बार User manual भी जरूर देख लेना चाहिए।

Laptops के लिए आइडियल फॉर्म फैक्टर साइज 2.5″ का स्लॉट Allocate होता है, लेकिन कुछ ultranotebooks में 1.8 ” स्लॉट होता है।

इसीलिए कई बार ऐसा होता है कि हम SSD ले तो लेते हैं लेकिन उसकी पोर्ट कभी ठीक से कनेक्ट नहीं हो पाते तो कभी बढ़िया परफॉरमेंस नहीं मिल पाता।

खैर, SSD कोई भी हो लेकिन इसकी परफॉरमेंस HDD से कहीं ज्यादा बेहतर और Fast होती है।

दोस्तों! इस पोस्ट में हमने ये जाना कि SSD vs HDD vs SSHD में क्या अंतर है, अगर आपको हमारी ये पोस्ट पसंद आई हो तो इसे अपने मित्रों व सोशलमिडिया पर शेयर जरूर करें। धन्यवाद।

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2 COMMENTS

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