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Affiliate marketing क्या है इससे पैसे कैसे कमाएं?- पूरी जानकारी

आज हम जानेंगे कि Affiliate marketing क्या होती है, इससे हम पैसे कैसे कमा सकते हैं?

दोस्तों, Affiliate marketing का Idea या यूं कह लें कि Concept 1989 में सबसे पहले William J. Tobin ने दिया था।

मिस्टर Tobin अपनी दुकान “PC flowers and Gifts” को लेकर ये बात सोची थी।

आज हमारे बीच उन्ही का ये कांसेप्ट दुनिया में सबसे तेजी से विकसित होने वाला Marketing trend बन गया है।

और ये सबकुछ सम्भव हो पाया है Digital devices और Internet के कारण जैसे computer और Mobiles.

इसीलिए Affiliate marketing, Digital marketing के अंतर्गत आता है।

इस क्षेत्र में युवावर्ग का सबसे अधिक रुझान है। क्योंकि कोई भी 9AM – 5PM की नौकरी नहीं करना चाहता।

इस क्षेत्र में पैसे के साथ-साथ अपार संभावनाएं भी हैं। क्योंकि लोगों के पास समय की कमी है, लेकिन हर चीज समय से उपलब्ध होनी जरूरी है।

नीचे हम Affiliate marketing से जुड़ी हर चीज को विस्तार से जानेंगे। तो चलिए शुरू करते हैं-

Affiliate Marketing क्या है?

Affiliate marketing में हम दूसरे व्यक्ति के Product को अपने Website के माध्यम से Promote करके Commission प्राप्त करते हैं।

ये एक तरह से Products या Services की performance-based marketing है। जो कि Traffic पर काफी हद तक Depend है।

Product के Sale पर Affiliate को commission मिलता है जो कि प्रोडक्ट के अनुसार कम या ज्यादा हो सकता है। जैसे Furnitures पर ज्यादा तो headphones पर कम।

ये कमीशन उस प्रोडक्ट या सर्विस पर निर्भर करता है कि उसका मर्चेंट उसके sale पर कितना कमीशन तय किया हुआ है।

आजकल व्यक्ति सिर्फ Adsense के कमाई के भरोसे नहीं रह सकता। इसलिए Bloggers आज Adsense के साथ-साथ Affiliate  Ads भी अपने ब्लॉग पर लगा रहे हैं।

जी हां, Adsense Ads और Affiliate Ads दोनों का इस्तेमाल एकसाथ आप अपने ब्लॉग पर कर सकते हैं।

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Affiliate marketing से पैसे कैसे कमाएं?

Affiliate products को blog, website, social networks पर Promote करके

खुद की Auto Affiliate website बनाकर जो Amazon, flipkart जैसी साइट्स से जुड़ी हो।

ध्यान रहे किसी भी product के links social media या Messaging apps पर direct share करने से पहले eCommerce कंपनी के Rules जान लें।

उदाहरण के लिए, Amazon के affiliate links social media पर share करने से आपका Account Suspend हो सकता है।

Products को प्रोमोट करने से पहले,
सफलतापूर्वक Sign up का स्टेप पूरा करें। इसके बाद अपने Niche के अनुकूल Products का चुनाव करें।

Ads को आप चाहें तो अपने ब्लॉग पर लगाएं जो काफी यूनिक तरीका है।

आजकल एक आईडिया काफी लोकप्रिय हो रहा है, वो है eCommerce affiliates वेबसाइट्स की।

इन साइट्स की खासियत ये है कि उसके Ads Automatically fetch होकर आपके साइट पर आते जाते हैं।

बस आपको वेबसाइट बनाकर उसकी बेहतरीन Customization करनी है।

Products चुनकर उनकी fetch करने की frequency सेलेक्ट करनी है कि कितने घंटे में कितने नए प्रोडक्ट्स आपकी साइट पर आते जाएं।

इसके बाद आपको किसी एक प्रोडक्ट को Promote करने की बजाय अपनी Affiliate website की promotion करनी है।

क्योंकि एक बार कोई आपकी साइट पर आ गया तो उसे सभी प्रोडक्ट्स आपके साइट पर ही मिल जाएंगे।

प्रत्येक Sale पर आपको बढ़िया Commission भी मिलेगा और SEO rankings में भी boost मिलेगा। इसमें कोई भी Content आपको नहीं लिखना है।

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India में Best Affiliate programs कौन से हैं?

भारत दुनिया का सबसे बड़ा Market place है। इसके साथ ही तेजी से उभरती हुई अर्थव्यवस्था वाला देश, जाहिर है यहां पर उसी हिसाब से कंपनियां भी हैं।

हर कंपनी इसी प्रयास में है कि वो ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों को आकर्षक ऑफर देकर अपनी ओर लाए।

एक सर्च के मुताबिक दुनिया मे लगभग 80% ब्रांड्स  Affiliate programs पर निर्भर हैं।

नीचे कुछ अच्छे Affiliates साइट्स हैं जिनसे जुड़कर अच्छा पैसा कमाया जा सकता है।

Amazon Affiliate
Flipkart Affiliate
eBay Affiliate
Resellerclub India Affiliate
Hostgator Affiliate
Godaddy Affiliate
BigRock Affiliate
MakeMyTrip Affiliate
vCommission Affiliate

Sale के हिसाब से अक्सर सबसे बढ़िया कमीशन हमें Hosting companies से मिलता है।

Hosting जो है वो Services की Category में आती है, जहां एक sale पर हमें 1500 से 2000 या उससे भी ऊपर कमीशन मिलता है।

अगर आपका ब्लॉग Popular है तो कंपनियां अपने post भी आपके ब्लॉग पर पब्लिश करने का offer देती हैं। इसे Sponsored post कहते हैं।

इसके बदले भी ब्लॉगर को बढ़िया कमाई होती है। एक अंग्रेजी ब्लॉग पर पोस्ट के लिए $100 – 150 डॉलर या उससे भी ज्यादा पेमेंट मिलती है।

Affiliate marketing से Payment कैसे मिलती है?

Affiliate के Revenue की गणना निम्न CPM, PPC इत्यादि तरीके से की जाती है उसके बाद Minimum threshold पूरा हो जाने के बाद ब्लॉगर के खाते में नीचे दिए तरीकों से पैसे ट्रांसफर कर दिए जाते हैं।

via Direct deposit in Bank account

via Cheque on registered address

via Paypal

किसी भी सफल sale पर कमीशन ब्लॉगर के द्वारा बनाए गए affiliate site के एकाउंट में आता है।

जैसे ब्लॉगर का एडसेंस में आता है वहां से फिर बैंक एकाउंट में आता है।

एक निश्चित राशि पूरा हो जाने पर वो ब्लॉगर के बैंक एकाउंट में Transfer कर दिया जाता है। जैसे अमेज़ॉन का minimum withdrawable (NEFT) है ₹1000 जो कि sale के 60 दिन बाद आपको मिलता है।

Affiliate sites को कैसे Join करें?

Affiliate sites को जॉइन करना बहुत ही Easy है। अपने यहां Amazon जो कि World largest eCommerce कम्पनी है। ये काफी लोकप्रिय है।

अन्य विकल्प के लिए आप गूगल पर Affiliate sites in India के नाम से भी सर्च कर सकते हैं।

अमेज़ॉन, फ्लिपकार्ट ये अकेले नहीं है बल्कि फायदे के हिसाब से देखें तो इससे भी अच्छे Affiliates प्रोग्राम मौजूद हैं।

किसी भी Affiliate प्रोग्राम को join करने के लिए उसके Official website पर जाकर Sign up करना होता है।

Sign up करने के लिए आपसे निम्न चीजों के बारे में पूछा जाता है जैसे-

Name, Address
Area Pin code
Bank account details
PAN card
Website या Blog
Email id
Mobile number

सफलतापूर्वक Sign up होने के बाद यूजर को एक यूनिक Client id मिलती है।

जब यूजर उस affiliate site में log in होता है तो कोई भी Product जो वो अपने साइट पर प्रोमोट करना चाहता है उसे सेलेक्ट कर सकता है।

Product सेलेक्ट करने के बाद उसे Image ad, Display ad या Text ad में से कोई भी अपने साइट के relevant यूजर चुनता है।

Ad relevancy choose करने के बाद यूजर को उस प्रोडक्ट का एक html code मिलता है जो यूजर को Copy कर अपने साइट पर उचित जगह पर Paste करना होता है।

सफलतापूर्वक Save होने के बाद Ad show होना शुरू हो जाता है।

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Affiliate marketing कैसे कार्य करता है?

इस Process में 3 व्यक्ति शामिल होते हैं-
Seller- (Merchant या Brand)
Publisher- (Affiliate, Blogger etc.)
Consumer- (Customer)

मानलीजिए मेरा ब्लॉग Computers से संबंधित है। जिसपर मैं कंप्यूटर्स के पार्ट इत्यादि के बारे में आर्टिकल पोस्ट करता हूँ।

अब मैं अपने ब्लॉग पर Keyboard, Mouse, Softwares इत्यादि का Ads दिखाकर लोगों को खरीदने के लिए Recommened कर सकता हूँ।

जब भी कोई visitor उस Ad पर क्लिक करेगा तो वो Amazon की साइट पर Redirect होगा।

वहां जाकर वो उस पार्ट या सॉफ्टवेयर को खरीद लेता है या उसे छोड़कर कोई भी चीज खरीदता है, तो मुझे उसका कमीशन मिलेगा।

Affiliate marketing में आपके द्वारा जो भी प्रोडक्ट प्रमोट किया जाता है उस प्रोडक्ट के Code में आपकी Client id होती है।

ये Id आपको Sign up या रजिस्टर करने के बाद आपको मिलती है।

ये Id यूनिक होती है और उस Client id को ट्रैक कर कंपनी आपके प्रत्येक Sale पर कमीशन का भुगतान करती है।

Affiliate products को कैसे और कहां Promote करें?

किसी भी Product या Services को Promote करने के लिए तमाम विकल्प मौजूद हैं।

नीचे हम विभिन्न तरह के प्लेटफॉर्म्स के बारे में जानेंगे जहां कोई भी अपने प्रोडक्ट्स के प्रमोशन के लिए इस्तेमाल कर सकता है।

Social media– आजकल सबसे अधिक प्रभावी व सफल तरीका है Social media पर अपने प्रोडक्ट के आकर्षक Ads को show कराना।

क्योंकि इस प्लेटफॉर्म्स पर सभी उम्र खासकर युवावर्ग को आसानी से Target किया जा सकता है।

सोशलमीडिया पर Campaign के माध्यम से हम किसी भी उम्र, देश या राज्य, विशिष्ट पसंद के लोग इत्यादि तक को अपने Ads show करा सकते हैं। Example- Facebook, Instagram, Twitter, Elyments इत्यादि।

Google Ads– गूगल के Ad network को Google Ads कहते हैं। ये भी एक बेहतरीन Ad network है जिसके माध्यम से आप Ad campaign चला सकते हैं।

इसके Google keyword planner का Use करके किसी भी Keyword को आप Target कर सकते हैं।

यहां तक कि उस specific keyword की Bid price पता कर अपने Ads customize कर सकते हैं।

अगर आपके पास कोई वेबसाइट नहीं है तो “Google My business” का इस्तेमाल कर Local page भी बना सकते हैं।

Affiliate marketing के फायदे

Low-cost बिजनेस

Work from home

Performance-based business

24×7 online

कम खर्च में अधिकतम लोगों तक पहुंच

Expertise होना जरूरी नहीं

Real time में अपने बिज़नेस का growth या result पता चलता है।

Campaigns को आसानी से measure, customize व optimize किया जा सकता है।

कोई Physical Go down इत्यादि नहीं।

ये काफी flexible व Versatile है।

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Affiliate मार्केटिंग के Terms और उनके मतलब

Affiliate– जो व्यक्ति Affiliate साइट्स को join कर Ads को अपने blog या website पर शो कराता है उस व्यक्ति को Affiliate कहते हैं।

सामान्य बातचीत में कहें तो ये ब्लॉगर या पब्लिशर होते हैं जो बदले में Commission पाते हैं।

Affiliate link– Affiliate वेबसाइट से Merchant के वेबसाइट पर Redirect होने वाले Product link को Affiliate लिंक कहते हैं।

इस link में प्रोडक्ट के डिटेल्स के साथ-साथ ब्लॉगर की Client id भी होती है। इसी id को track कर ब्लॉगर को कमीशन मिलता है।

Affiliate commission– ये ब्लॉगर को किसी एफिलिएट Product के sale या Ad impression पर मिलने वाला पैसा है।

जो ब्लॉगर के Ad या affiliate link पर visitor द्वारा click करने या उसके action से generate होता है।

Link Cloaking– ये URL को short करके उसे अत्यधिक आकर्षक बनाता है। साथ ही आपकी affiliate id को छुपा कर उसे ऑनलाइन होने वाले ‘commission theft’ fraud से भी बचाता है।

Payment threshold– ये वो पैसा होता है जो आपके affiliate account में हो जाने पर कंपनी आपको Payment release कर देती है।

Affiliate marketing FAQs

1- क्या हम Adsense और affiliate ads एक साथ Use कर सकते हैं?

Ans– बिल्कुल, Adsense व Affiliate ads एक ही ब्लॉग पर use किया जा सकता है।

2- क्या Affiliate program को join करने के लिए कोई fee लगती है?

Ans- नहीं, अगर कोई ऐसा करता है तो वो गलत है। हमेशा Popular और बड़ी कंपनियों के affiliate programs को join करें।

3- क्या Affiliate marketing की कोई Course करनी पड़ती है?

Ans- कोई जरूरी नहीं, अगर आप एक ब्लॉग Run कर सकते हैं तो Affiliate marketing भी कर सकते हैं।

जो थोड़ी बहुत चीजें हैं वो आपको धीरे-धीरे फ्री में यूट्यूब वीडियोज देख कर आ जाएंगी।

4- Affiliate marketing से हम कितना Earn कर सकते हैं?

Ans- Affiliate marketing एक Performance-based business है। आप जितनी मेहनत करेंगे और जितने अधिक visitors होंगे, उतने अधिक आपके Earnings के Chances होंगे।

किसी भी Ad networks से कमाई का मुख्य स्रोत ब्लॉग पर Traffic से है। जबतक ब्लॉग पर ट्रैफिक नहीं होगा earning नहीं होगी।

Affiliate programs को Join करने से पहले क्या ध्यान (Attention) दें?

किसी भी affiliate program को join करने से पहले निम्न चीजों पर जरूर ध्यान दें-
Payment method– सबसे पहले ये देख लें कि आपके यहाँ कौन सा तरीका आपको आसानी से पेमेंट प्राप्त करा सकता है।

अधिकांश कंपनियां निम्न पेमेंट ऑप्शन उपलब्ध कराती हैं Paypal, Direct bank transfer, Wire transfer और Cheque.

जैसे बांग्लादेश में Paypal नहीं चलता है, तो जिसके यहां Gov. जो चीजें Ban की हुई हैं उसे मालूम कर लेना चाहिए।

Threshold amount– ये मालूम कर लें कि Minimum threshold कितना है। जितना कम होगा उतना बेहतर है।

Cookie length– Cookie का length भी कभी कभी काफी मायने रखता है खासकर कम लोकप्रिय व छोटी कंपनीयों के लिए।

उदाहरण के लिए Amazon के cookies की validity 24 hours है। Cookies एक प्रकार की छोटी Script होती हैं जो Affiliate के sale को Track करने के काम आती हैं।

मतलब कोई भी विजिटर जो ब्लॉग के लिंक्स से amazon पर Redirect हुआ है वो 24 घंटे के अंदर कभी भी वो product खरीदेगा तो ब्लॉगर को commission मिलेगा।

जबकि कई छोटी कंपनियों के cookies 1-2 महीने तक होते हैं।

Popularity of affliate program– जो Affiliate networks जितने popular होंगे लोगों का उनपर भरोसा भी अधिक होगा।

इसतरह प्रोडक्ट्स के Sale में भी वृद्धि होगी।

Commission rate– अधिकांश कंपनियां 4% से 18% तक तो कुछ 70% तक Commission pay करती हैं। ये निर्भर करता है प्रोडक्ट पर।

कमीशन जितना अधिक होगा उतना अच्छा।

 

दोस्तों, उम्मीद है हमारा ये Affiliate marketing पर पोस्ट आपको आपको पसंद आया होगा। अगर हां तो प्लीज इसे सोशल मीडिया व अपने दोस्तों से जरूर Share करें।

साथ ही इस विषय पर अंग्रेजी में पढ़ने के लिए क्लिक करें।

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