What is Seo in hindi-Best हिंदी गाईड

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What is seo in hindi-best seo hind guide

What is SEO in hindi. किसी भी आर्टिकल या साइट के लिए SEO सबसे महत्वपूर्ण प्रॉसेस है। पेश है इसी विषय पर ये All in One हिंदी गाइड।

Seo का परिचय

Seo यानी Search engine optimization एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। इसके माध्यम से आपकी पोस्ट, सर्च इंजन्स के सर्च रिजल्ट्स में सबसे ऊपर Show होती है।
SEO का मुख्य उद्देश्य साइट पर नेचुरल तरीके से Organic ट्रैफिक लाना होता है।

यहां Post शो होने का मतलब है आपके साइट पर जबरदस्त ट्रैफिक। साइट पर बढ़िया ट्रैफिक से मतलब है अगर साइट Monetized है तो बढ़िया कमाई।

इसीलिए Seo को बेहतर कर अपनी पोस्ट को Search results में सबसे ऊपर लाने की Competition हमेशा सबको रहती है।

क्यों की बिना Proper Seo के आपकी पोस्ट SERP में ऊपर नहीं आ सकती। SERP का मतलब Search Engine Rank Pages से है जो सर्च करने पर हमारे सामने रिजल्ट में आती हैं।

SEO Techniques

वैसे तो Seo एक वृहद शब्द है। लेकिन इसकी बहुत सी विधियां हैं जो हर ब्लॉगर अपनाता है।
हम यहां जो मुख्य SEO तकनीक हैं Onpage seo और Offpage seo उन्ही के बारे में बात करेंगे।

Google आपके साइट को रैंकिंग में सबसे ऊपर लाने के लिए अपने 200 फैक्टर्स को आजमाता है। ये सारे फैक्टर्स आजतक किसी के समझ मे नहीं आये। ऊपर से ये बदलता रहता है।

लेकिन कुछ नियम हैं जो गूगल अपने updates में पब्लिश करता है। इन्ही के साथ और अपने Experience के आधार पर लोग SEO करते हैं, जिनके अच्छे रिजल्ट्स भी मिलते हैं।

हम जब आर्टिकल लिखते हैं तो On Page Seo करते हैं। Onpage Seo में हम पोस्ट के H1 टैग से लेकर Bottom में मौजूद अन्य Interlinking पोस्ट तक आ जाते हैं।

हम नीचे इन्ही विधियों के बारे में चर्चा कर रहे हैं।

Keyword research

Keyword research हमें जब भी किसी पोस्ट के बारे में लिखना होता है तो सबसे पहले हम कीवर्ड रिसर्च करते हैं।

कीवर्ड रिसर्च का मतलब होता है जैसे हम What is Seo in hindi इसके बारे में पोस्ट लिखना चाहते हैं तो सबसे पहले इसकी बेहतर कीवर्ड सर्च में मेल देखते हैं।

इसको इस तरह समझा जा सकता है- जैसे हम जब भी गूगल में किसी टॉपिक के बारे में जानने के लिए सर्च करते हैं, तो उसी टॉपिक के बारे में और लोग भी सर्च करते हैं।

हमे लोगों द्वारा किसी भी टॉपिक पर Search के लिए कौन सा कीवर्ड (खोज शब्द) सबसे ज्यादा लिखा जाता है और उसकी advertisers के बीच कितनी CPC है यही देख कर कीवर्ड का चुनाव करते हैं।

CPC से मतलब Click per cost से है। जो आपके ब्लॉग पर दिखने वाले ads पर क्लिक होने पर Advertisers से आपको पैसा मिलता है। इसे PPC यानी Pay per click भी कहते हैं।

Keyword रिसर्च के लिए हम फ्री टूल्स में Google keyword planner, या अन्य जैसे Ubersuggest का उपयोग करते हैं।

एक और तरीका होता है, गूगल पर जब सर्च बॉक्स में कीवर्ड डाला जाता है तो गूगल खुद suggest करता है और सर्च रिजल्ट्स के बीच में या सबसे नीचे उस कीवर्ड का बेहतर खोज सुझाव दिखता है।

अगर आप Chrome ब्राउज़र इस्तेमाल करते हैं तो उसमें “Keyword everywhere” का Extension लोड कर लें ये आपको कीवर्ड्स के CPC के बारे में भी बताएगा।

On page SEO

पोस्ट को Seo फ्रेंडली बनाने के लिए हमेशा हम शुरुआत कीवर्ड रिसर्च के बाद Onpage Seo से करते हैं।

इसके लिए सबसे पहले कीवर्ड से संबंधित सभी टॉपिक्स किसी कागज या कंप्यूटर पर लिख लेते हैं। ताकि हमें मालूम रहे कि किस-किस टॉपिक पर लिखना है।

इसमें Main heading, subheadings, Paragraph और अंत में Conclusion यानी निष्कर्ष लिखते हैं।

Navigation

आपकी आर्टिकल में ये जरूरी है कि अन्य पोस्ट के लिंक हों और उसपर यदि विजिटर क्लिक करे तो आसानी से उस पोस्ट पर पहुंच जाए। इसी को Hyperlink कहते हैं।

निष्कर्ष के बाद भी एक चीज रह जाती है वो ये की अपने सभी Published पोस्ट्स को नीचे link देकर रखना।

Table of contents

बेहतर seo के लिए इसका भी इस्तेमाल जरूरी है। आप इसके लिए WordPress में मौजूद प्लुगिन्स का इस्तेमाल कर सकते हैं।

इससे विजिटर को ये पता चलता है कि पोस्ट में कौन कौन से टॉपिक पर लेख मौजूद है। ये Onpage नेविगेशन के काम भी आता है।

इसके साथ ही आप Rich snippets plugins का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। ये CTR यानी Click through rate में भी इजाफा करता है।

Broken links

पोस्ट के लिंक्स को एक बार चेक कर लें और समय समय पर चेक करते रहें। कई बार आपके लिंक्स टूट जाती हैं। ऐसा पेज के हट जाने या कई तरह से हो जाता है। इसके लिए आप फ्री में deadlinkchecker डॉट कॉम पर जाकर चेक कर सकते है ।

h1 tag

पोस्ट में जो हमारा Post title होता है वो h1 टैग या पहला हैडिंग होता है। इसे title tag, Meta टैग भी कहते हैं। इसकी Keyword length अधिकतम 70 शब्दों की होती है। खाली जगहों यानी Spaces को लेकर।

जैसे इस पोस्ट का नाम What is seo in hindi.. है तो यही इसका h1 टैग है जो विजिटर्स सबसे पहले देखते हैं।
इसका प्रयोग कभी भी दो बार नहीं करना चाहिए।

हां इसके बाद h2 का इस्तेमाल करें और बेहतर रहेगा कि h2 के अंतर्गत subheadings का भी इस्तेमाल करें।

SEO Friendly Url

जब भी कोई ब्लॉगर अपना वर्डप्रेस पर पोस्ट लिखता है तो WordPress डिफ़ॉल्ट रूप में उसका यूआरएल या Permalink बनाता है जो Date वगैरह लिए होता है।

आप Permalink के सामने Edit पर क्लिक कर URL को SEO फ्रेंडली लिख सकते हैं। यूआरएल में date या अंक रखें जैसे:- hindijet डॉट कॉम/2018-9/what%%-is .

यूआरएल छोटा और कीवर्ड लिए होतो बढिया होता है। जैसे:- hindijet डॉट कॉम/Seoक्याहै

पोस्ट को पब्लिश करने से पहले एक बार यूआरएल को जरूर check कर लें। एक बार पोस्ट पब्लिश हो जाने के बाद यूआरएल को नहीं बदलना चाहिए।

Meta Description
सर्च रिजल्ट्स में heading के नीचे आने वाले Description यानी वर्णन को ही meta description कहते हैं।

इसकी कीवर्ड लेंथ 160 words खाली जगहों को लेकर होती है। इससे अधिक होने पर गूगल सर्च रिजल्ट के snippet में अधिकतम words नहीं दिखेंगे।

ऊपरोक्त दोनो चीजें किसी भी पोस्ट की सबसे महत्वपूर्ण अंग होती हैं। ऐसा इसलिए कि सर्च रिजल्ट में कोई भी विजिटर headings और Description देखकर ही क्लिक करता है, और आपके साइट पर आता है।

बेहतर SEO के लिए Yoast का Plugin (Yoast seo) इस्तेमाल किया जा सकता है।

Paragraph
Headings के अंतर्गत लिखी जाने वाली आर्टिकल को पैराग्राफ कहते हैं। कई पैराग्राफ को मिलाकर कंटेंट बनता है।

इसमें आप जो भी जानकारी अपने keyword के विषय में रखते हैं, उसे लिखिए।

बेहतर ये भी होता है कि अपने कीवर्ड का इस्तेमाल प्रति 150 शब्दों के बाद एक बार जरूर करें। लेकिन प्रयोग प्राकृतिक लगना चाहिए।

विजिटर जब heading देखता है तो उसके मन में पूरी आर्टिकल पढ़ने के लिए एक बेचैनी होती है, और वो आपके हैडिंग पर क्लिक कर देता है।
वो बेचैनी की तृप्ति आपके पैराग्राफ में पूर्ण होती है।

अगर पैराग्राफ में अच्छी जानकारियां न हों तो कुछ शब्द पढ़ने के बाद ही विजिटर आपके साइट से वापस यानी Back हो जाता है।

जिसके कारण आपके साइट पर Bounce rate बढ़ जाता है। इसके बढ़ने से आपके साइट की रैंकिग में खराब असर पड़ता है।

आर्टिकल को अपने आप में पूर्ण रूप से लिखें और कम से कम 500-800 या अधिक शब्दों में लिखें। अधिक शब्दों वाली पोस्ट्स को सर्च इंजन Prefer करता है।

No follow link

No follow लिंक वो होता है जो हम किसी दूसरी साइट का लिंक अपने साइट पर देते हैं, और उसके साथ ही गूगल bots को ये परमिशन की हमारे पेज से लिंक जूस उसे मिले।

no follow link का Example –
<a href = “https://hindijet.com/Seo”  rel= “nofollow”>
अपनी लिंक को nofollow बनाने के लिए पोस्ट को html में Edit करके लिंक में close टैग से पहले rel= “nofollow” लिखा जाता है।

Do follow link

किसी भी साइट की Ranking में dofollow लिंक का सबसे बड़ा हाथ होता है।
हम जब किसी से बैकलिंक की मांग करते हैं तो वो dofollow link होता है।

इसमे rel=”nofollow” नहीं होता है।
Do follow link के लिए आपको rel=” dofollow लिखा जा सकता है, या नेचुरल जैसे लिंक होता है बिना nofollow लिंक के वो dofollow लिंक होता है।

कई बार rel= noopener” होता है, इसका मतलब होता है कि आपकी ये लिंक दूसरे window में खुलेगी।

ये आपको जब लिंक icon पर क्लिक कर लिंक पेस्ट करते हैं तो नीचे “open link in a new window” के नाम से होती है। इसे टिक लगा दें।

अगर विजिटर लिंक के द्वारा दूसरे पेज पर या साइट पर जाता है, तो आपकी current post वाली पेज खुली रहेगी। जिससे आपकी पेज व्यू का Duration बढ़ेगा

LSI Keywords
Latent semantic Index keywords इनके प्रयोग से गूगल को ये पता चलता है कि आपके कीवर्ड्स एक दूसरे से कितने मेल खाते हैं या संबंधित हैं। ये भी एक रैंकिंग फैक्टर है।

इन्हें आप गूगल सर्च के bottom से या Keywordshitter डॉट कॉम, या कीवर्ड प्लानर, keywordtool डॉट io से ले सकते हैं। ये सभी फ्री टूल्स हैं।

What is Seo in hindi best hindi guide/LSI keywords

आजकल बहुत से Best Free seo tools मौजूद हैं जिनका आपको अपने जरूरत के हिसाब से जरूर उपयोग करना चाहिए।

Alt tag
गूगल images को नहीं पढ़ पाता। अगर आप कोई इमेज डालते हैं तो अगर उसके साथ Alt tag यानी Alternate tags का इस्तेमाल करते हैं तो गूगल के Crawler को ये पता चल जाएगा कि ये Image किस से संबंधित है।

जैसे इस पोस्ट का फीचर्ड इमेज Seo के विषय मे है तो इसके alt tag में हम अपना कीवर्ड Use करेंगे-What is Seo in hindi इससे गूगल के Crawler को मालूम हो जाएगा कि ये इमेज Seo से संबंधित है।

AMP, CDN का इस्तेमाल

AMP यानी Accelerated Mobile Pages साइट की रैंकिंग में AMP जो गूगल का एक Open Project है, अपनी साइट पर लगा सकते हैं।

WordPress में काफी अच्छे AMP plugins मौजूद हैं जिन्हें डाउनलोड कर Install किया जा सकता है।

ये मोबाइल्स पर बढ़ते browsing के popularity को देखकर लांच किया गया है, ताकि किसी भी साइट को मोबाइल पर खोलने पर बेहतर तरीके से काम करे।

CDN यानी Content management network ये भी किसी भी साइट के लिए बहूत जरूरी है।  इसके लिए आप चाहें तो Cloudflare का इस्तेमाल कर फ्री में CDN, SSL (Secure socket layer) व अपनी साइट की सुरक्षा को और भी बेहतर कर सकते हैं। ये बिल्कुल फ्री है। 

Cloudflare को साइट पर Properly तरीके से लगाने यानी Implement करने के लिए ये आर्टिकल पढ़ें।

HTTPS
HTTPS enabled साइट्स को गूगल ranking में Prefer करता है। इसलिए आप अपनी साइट के लिए फ्री में let’s encrypt की वेबसाइट से फ्री में SSL certificate को Implement कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले zerossl डॉट कॉम पर विजिट कर उसके माध्यम से सर्टिफिकेट ले सकते हैं।

Conclusion writing

पोस्ट के अंत में अपने विषय का निष्कर्ष लिखिए। ताकि विज़िटर्स को ये पता चले कि इस पोस्ट में हमारे लिए क्या-क्या उपयोगी था।

Category
Category से हमारा मतलब श्रेणी से है। जैसे हम सेव खा रहे हैं तो इसका नाम तो सेव है लेकिन Category इसकी Fruit यानी फल है।

इसी तरह हम On page seo या Off page Seo यानी Seo के अंतर्गत जो भी लिखें इसकी केटेगरी Seo ही होगी।

इसलिए अपनी सभी Posts को केटेगरी के Under ही लिखें। आपका ब्लॉग जितने कम केटेगरी के ऊपर होगा उतनी ज्यादा रैंकिंग की संभावना रहेगी।

जैसे अगर हम अपने ब्लॉग में Seo, Story, यात्रा, foods इत्यादि बहुत सी Category के अंतर्गत लिखते हैं तो ब्लॉग के रैंकिंग की संभावना कम होगी और ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी।

किसी Specific केटेगरी वाली ब्लॉग्स जल्दी rank करती हैं। साथ ही सर्च इंजन्स के Crawlers को इसे Crawling करने में मदद मिलती है, की ये किस केटेगरी के under पोस्ट है।

Tags
पोस्ट को लिखने के बाद जो अतिमहत्वपूर्ण यानी Most important प्रोसेस है वो Tags को add करना है।

Tags सर्च इंजन्स के लिए होते हैं। किसी भी पोस्ट को सर्च इंजन Tags के माध्यम से ही जान पाता है, की ये पोस्ट किस टॉपिक पर है।
जैसे ये पोस्ट Seo- onpage seo पर है तो इसके टैग्स Seo, seo क्या है, seo in hindi, On page seo होंगे।

Speed and Responsive
इनके अलावा आपके साइट की डिज़ाइन AttractiveResponsive होनी चाहिए। Responsive से मतलब की साइट को मोबाइल या कंप्यूटर पर खोलने पर आकर्षक दिखे adjustable हो व सभी मेनू दिखने चाहिए।

इस लिंक से आप अपने साइट को चेक कर सकते हैं कि अलग अलग Screen size में आपकी साइट कैसे दिखेगी-
mattkersley.कॉम/responsive/

अगर आप नए हैं और एक फ्री प्रीमियम थीम चाहते हैं तो हम आपको प्रोवाइड कर सकते हैं।

Site की Load speed बहुत जरूरी होती है। ये Ranking factor है। इसे आप CSS को minify करके, Image optimize इत्यादि करके सुधार ला सकते हैं।

विजिटर हो या स्वयं गूगल किसी भी साइट की लोड स्पीड बढिया होगी वो रैंक के लिए अच्छी होगी।
इसको आप यहां चेक कर सकते हैं।
https://search.google.कॉम/test/mobile-friendly

Social sharing buttons

पोस्ट के नीचे या ऊपर सही जगह पर सोशल शेयरिंग बटन का इस्तेमाल करें। जैसे फेसबुक, twitter, Instagram इत्यादि। ताकि विजिटर डायरेक्टली आपके पोस्ट को शेयर कर सके।

Off page Seo

ऑफ पेज SEO से मतलब पेज से बाहर SEO करने से है। ये मुख्यतः पोस्ट के पब्लिश हो जाने के बाद किया जाता है।

जिसमें आप अपने published पोस्ट की लिंक्स को कई तरह से शेयर करते व submissing इत्यादि करते हैं।

इनमे मुख्य चीजें निम्न है।

Social media marketing
सोशल मीडिया के माध्यम से भी ब्लॉग पोस्ट के कंटेंट के ट्रैफिक को boost किया जा सकता है।
हालांकि सोशल मीडिया से या Quora से आपको किसी भी प्रकार की Do follow बैकलिंक्स नहीं मिलती हैं।

लेकिन इनके Help से आप अपने कंटेंट को लोगों के बीच पहुँचाते हैं, या प्रमोट करते हैं। चाहे वो फ्री हो या Paid विधि से।

Link building

लिंक बिल्डिंग के लिए आप उन वेबसाइट्स को जो गूगल में रैंक कर रही हैं। उन्हें चुन कर उनके ओनर्स से बैकलिंक के लिए डिस्कस कर सकते हैं।

Guest Post

गेस्ट पोस्ट के लिए आप अपने कैटेगरी वाली साइट्स को ढूंढ कर उनसे ईमेल के माध्यम से गेस्ट पोस्ट के लिए request कर सकते हैं।

इसमे आप उनके साइट के लिए पोस्ट लिख कर उसमें अपने साइट की लिंक देते हैं।

Social bookmarking

सोशल बूकमार्किंग आपकी साइट के लिए सबसे Important है। इसके माध्यम से आपके साइट पर सोशल मीडिया के अपेक्षा सबसे अधिक फ्री में ट्रैफिक आएगी।

सिम्पली आप सोशल बूकमार्किंग साइट्स जैसे:- Digg.कॉम, Stumbleupon.कॉम, Reddit, Scoop.आईटी पर जाकर अपने लिंक्स सबमिट कीजिए। आपको कुछ ही दिनों में फर्क महसूस हो जाएगा।

Directory submission

ये माध्यम भी बहुत कारगर तरीका है ट्रैफिक पाने का। आप इन साइट्स पर जाके आसानी से अपने लिंक्स सबमिट कर सकते हैं।

आप चाहें तो Free या Paid कोई भी सबमिशन चुन सकते हैं। फर्क सिर्फ इतना होता है कि आपकी पोस्ट को approve करने में 6 महीने भी लग जाते हैं अगर फ्री सबमिशन है तो। जबकि paid है तो 6 से 8 घंटे में approve हो जाता है।

ज्यादातर User इन साइट्स पर सिर्फ अपने ब्लॉग को submit करते हैं। आपको ऐसा नहीं करना चाहिए। आपको ब्लॉग के साथ साथ अपने पोस्ट्स के लिंक्स को भी सबमिट करना चाहिए। जिससे अच्छा Response मिले।

Conclusion

जैसा कि उपरोक्त लेख से मालूम चलता है कि अगर कोई कंटेंट को पूरे SEO techniques के साथ लिखे, On page Seo, Off Page Seo साथ ही पूरे SEO tools जो काफी ऐसे हैं जो फ्री हैं उन्हें इस्तेमाल करे तो यकीनन उनकी साइट Rank करेगी।

moz.com के मुताबिक कीवर्ड का चुनाव व आर्टिकल लेखन से पहले Seo के बारे में जानकारी ले लेना बहुत जरूरी है।

दोस्तों! उम्मीद है आपको हमारा ये पोस्ट जरूर पसंद आया होगा। हमारा प्रयास आपको हमेशा जानकारियों से परिपूर्ण पोस्ट देना होता है।

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इन्हें भी देखें

◆ How to use a custom domain on blogger in hindi हिंदी में सीखें

 How to make a website in hindi a step by step hindi guide

◆ सरदार वल्लभभाई पटेल Biography व Statue of Unity

◆ बैंडविड्थ (Bandwidth) क्या है

 20 Best Seo tools वेबसाइट/ब्लॉग के लिए

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 What is computer in hindi अंग, कार्य व इतिहास

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